महाभारत के अनुसार क्या बेटियाँ या महिलाएँ पिंड दान कर सकती हैं?
महाभारत पितृकर्म में महिलाओं की भागीदारी को स्वीकार करता है, और परंपरा गया में सीता के स्वतंत्र पिंड दान को महिलाओं द्वारा यह विधि करने का उदाहरण मानती है, विशेषकर जब कोई पुरुष उपलब्ध न हो। आज की धार्मिक परंपरा बेटियों, बहुओं और पत्नियों को पिंड दान करने की अनुमति देती है — खासकर तब जब कोई पुरुष उत्तराधिकारी न हो या पुरुष उत्तराधिकारी तीर्थ तक यात्रा करने में असमर्थ हो।
क्या यह उपयोगी था?
व्हाट्सऐप पर अगला प्रश्न पूछें
पिंड दान कराना है?
हमारे अनुभवी पंडित भारत के पवित्र स्थलों पर वीडियो प्रमाण के साथ प्रामाणिक अनुष्ठान कराते हैं।