पिंड दान के बाद कौन-सा दान या दक्षिणा देनी चाहिए?
अनुष्ठान के पश्चात् ये दान देना शुभ माना जाता है:
- पंडित जी को दक्षिणा।
- वस्त्र (कपड़ा), बर्तन, अनाज या फल ब्राह्मणों या गरीबों को।
- गायों, कुत्तों या पक्षियों को भोजन कराना भी पुण्यदायी है।
यह निःस्वार्थ दान “पितृ दान” कहलाता है, और इससे पूर्वजों की आत्माएँ अत्यंत प्रसन्न होती हैं।
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पिंड दान कराना है?
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