ब्रह्मकपाल में पिंड दान के दौरान अलकनंदा नदी की क्या भूमिका है?
अलकनंदा नदी ब्रह्मकपाल में पिंडदान की पवित्रता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बदरीनाथ के निकट से उद्गम होने के कारण इसका जल पवित्र और शुद्धिकारक माना जाता है। अनुष्ठान से पहले इसमें स्नान करने से श्रद्धालु की शुद्धि होती है। अलकनंदा का जल स्वयं पिंडदान कर्म में उपयोग किया जाता है — पिंडों को तैयार करने और तर्पण के लिए। अनुष्ठान के बाद पिंडों को प्रवाहमान अलकनंदा में प्रवाहित करना एक प्रचलित परंपरा है, जो पितरों की अंतिम मुक्ति और आगे की यात्रा का प्रतीक है।
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