पिंड दान में फल्गु नदी का क्या महत्त्व है?
गया की फल्गु नदी विशेष पवित्रता रखती है — माना जाता है कि सीता माता के शाप के कारण यह नदी भूमिगत होकर बहती है। वाल्मीकि रामायण के अनुसार, भगवान राम, सीता और लक्ष्मण के साथ, महाराज दशरथ का श्राद्ध करने गया आए थे। जब कोई ब्राह्मण उपलब्ध नहीं था, तो सीता माता ने स्वयं पितृ-अर्पण किया। जब भगवान राम लौटे, तो नदी ने इस घटना का साक्षी होने से इनकार कर दिया, जिस पर सीता माता ने इसे भूमिगत होकर बहने का शाप दे दिया। आज, इस सूखे नदी-तट पर पिंड दान किया जाता है, और पितृगण तथा सीता माता — दोनों को अर्पण किया जाता है, जो श्राद्ध कथा में उनकी भूमिका को मान्यता देता है।
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पिंड दान कराना है?
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