गया में पिंड दान के लिए कौन-सा दिन या तिथि सबसे अच्छी है?
गया पिंड दान वर्ष भर किसी भी दिन मान्य है, लेकिन कुछ तिथियाँ विशेष रूप से शुभ मानी जाती हैं: (1) पितृपक्ष (भाद्रपद कृष्ण पक्ष के 16 दिन) सबसे आध्यात्मिक रूप से शक्तिशाली अवधि है — इस समय सभी पितरों के अर्पण ग्रहण करने के लिए पृथ्वी पर आने की मान्यता है, (2) सर्व पितृ अमावस्या (पितृपक्ष का अंतिम दिन) अधिकतम पुण्य देती है, (3) महालया अमावस्या, सोमवती अमावस्या और मौनी अमावस्या भी अत्यंत शुभ हैं, (4) सूर्य और चंद्र ग्रहण परंपरागत रूप से पितृ-कर्मों के लिए उपयोग होते हैं, (5) दिवंगत की वार्षिक मृत्यु तिथि (मृत्यु तिथि)। हमारे पंडित आपके गोत्र और दिवंगत आत्मा के नक्षत्र के आधार पर सर्वोत्तम तिथि चुनने में मार्गदर्शन कर सकते हैं।
पिंड दान कराना है?
हमारे अनुभवी पंडित भारत के पवित्र स्थलों पर वीडियो प्रमाण के साथ प्रामाणिक अनुष्ठान कराते हैं।