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Rituals

सिंगापुर से पिंड दान, श्राद्ध एवं तीर्थ यात्रा — सम्पूर्ण मार्गदर्शिका

Prakhar Porwal · 1 मिनट पढ़ें · समीक्षित May 5, 2026
मुख्य बिंदु
    इस लेख में
    📅

    जल्दी बुकिंग करें — पितृपक्ष में सिंगापुर के परिवारों के लिए स्लॉट तेज़ी से भर जाते हैं। हमारे समन्वयक तमिल और अंग्रेज़ी बोलते हैं। अभी WhatsApp करें: +917754097777

    सिंगापुर के 1,73,000 हिन्दू समुदाय के लिए पितृ कर्म का प्रश्न — पिंड दान, अस्थि विसर्जन, श्राद्ध — गहरा आध्यात्मिक भार रखता है। चाहे आपका परिवार तमिल हो, तेलुगु, पंजाबी या उत्तर भारतीय — भारत की पवित्र नदियों पर दिवंगत आत्माओं के प्रति धर्म-कर्तव्य दूरी से कम नहीं होता। बदलती है केवल योजना। यह मार्गदर्शिका सिंगापुर से पिंड दान करने वाले परिवारों के लिए वह सब कुछ देती है जिसकी आवश्यकता है: कौन सा कर्म, कौन सा तीर्थ, चांगी हवाई अड्डे से यात्रा कैसे करें, SGD में लागत कितनी, और पूरी योजना बिना तनाव के कैसे बनाएँ।

    प्रयाग पंडित्स ने 2019 से 2,263+ परिवारों के लिए पितृ कर्म सम्पन्न करवाए हैं — जिनमें सिंगापुर और मलेशिया के दर्जनों परिवार शामिल हैं। हमारे पास तमिल बोलने वाले समन्वयक हैं ताकि अनुवाद में कुछ भी न खोए — गोत्र (कुल वंश) के विवरण से लेकर आपकी क्षेत्रीय परम्परा के अनुरूप पिंड (चावल के पिंड) की सामग्री तक।

    सिंगापुर के हिन्दू पितृ कर्म के लिए भारत क्यों आते हैं

    सनातन परम्परा में तीर्थों का क्रम स्पष्ट है: गया, प्रयागराज, काशी (वाराणसी), और हरिद्वार पितृ कर्म के लिए सर्वोच्च पुण्यदायी माने गए हैं। गरुड़ पुराण की परम्परा में कहा जाता है कि गया में पिंड दान करने से पितरों की सात पीढ़ियाँ जन्म-मरण के चक्र से मुक्त होती हैं। ये परम्पराएँ सिंगापुर के स्थानीय मन्दिर में, चाहे पुजारी कितने भी निष्ठावान हों, पूर्ण रूप से नहीं की जा सकतीं।

    सिंगापुर के हिन्दू परिवारों के लिए त्रिवेणी संगम पर सम्पन्न पिंड दान कर्म

    सिंगापुर के हिन्दू एक व्यावहारिक वास्तविकता का भी सामना करते हैं: सिंगापुर के दाह संस्कार नियम अस्थियों के शीघ्र निपटान की माँग करते हैं। अस्थि (पवित्र अस्थि-अंश और भस्म) रखने वाले परिवार अक्सर प्रतीक्षा नहीं कर सकते। अस्थियों को भारत कूरियर से भेजना कानूनी रूप से जटिल है। सबसे स्वच्छ समाधान — और जो सर्वाधिक शान्ति देता है — वह है निर्धारित समय-सीमा के भीतर भारत यात्रा करके स्वयं नदी तट पर कर्म सम्पन्न करना, अथवा भारत में किसी विश्वसनीय पंडित को लाइव वीडियो के माध्यम से अपनी ओर से कर्म कराने हेतु नियुक्त करना।

    सिंगापुर के परिवारों के लिए उपलब्ध पवित्र कर्म

    सिंगापुर के परिवार सबसे अधिक चार मुख्य सेवाएँ माँगते हैं — विवरण नीचे दिए गए हैं। प्रत्येक का विधि, समय और दिन के अनुभव सहित पूर्ण मार्गदर्शिका उपलब्ध है।

    पिंड दान — पितृ मोक्ष कर्म

    पिंड दान में चावल और जौ के पिंड (तिल, मधु एवं कुश घास के साथ मिश्रित) नदी तट पर अर्पित किए जाते हैं, जबकि वैदिक प्रशिक्षित पंडित पितृ सूक्त का पाठ करते हैं और सम्बन्धित कर्म सम्पन्न कराते हैं। यह कर्म एक अर्ध-दिवसीय सत्र में पूरा होता है। इसे वर्ष में एक बार, अथवा कम से कम पहली पुण्यतिथि पर तथा पितृपक्ष में करना उचित माना गया है। पिंड दान की पूरी विधि के लिए देखें: पिंड दान पूजन कैसे करें — सम्पूर्ण विधि

    सिंगापुर से अनुशंसित तीर्थ स्थल: प्रयागराज (त्रिवेणी संगम), गया (विष्णुपद मन्दिर एवं फल्गु नदी), वाराणसी (मणिकर्णिका/अस्सी घाट)। पूरी मार्गदर्शिका पढ़ें: सिंगापुर से पिंड दान — सम्पूर्ण योजना मार्गदर्शिका

    अस्थि विसर्जन — पवित्र भस्म प्रवाह

    अस्थि विसर्जन का अर्थ है चिता-भस्म (अस्थि) का पवित्र नदी में प्रवाह। गरुड़ पुराण की परम्परा के अनुसार, यह कर्म दिवंगत आत्मा को परलोक में वैतरणी नदी पार कराने का साधन बनता है। यह कर्म नदी तट पर पंडित द्वारा सम्पन्न होता है, जो उपयुक्त मन्त्रों का उच्चारण करते हैं और परिवार को विसर्जन-विधि कराते हैं। पूरा कर्म लगभग दो से तीन घण्टे लेता है।

    प्रयागराज का त्रिवेणी संगम — गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का संगम — अस्थि विसर्जन के लिए सर्वाधिक पवित्र स्थल माना जाता है। पूरी जानकारी: सिंगापुर से अस्थि विसर्जन — प्रयागराज मार्गदर्शिका

    श्राद्ध — वार्षिक पितृ अर्पण

    श्राद्ध (श्राद्ध भी लिखा जाता है) दिवंगत पितरों को भोजन, जल और मन्त्रों के अर्पण से तृप्त करने हेतु किया जाता है। यह सबसे प्रभावी रूप से पितृपक्ष में सम्पन्न होता है — प्रत्येक वर्ष पितरों को समर्पित 16 दिवसीय कृष्ण पक्ष। पवित्र तीर्थ पर किए गए श्राद्ध का पुण्य घर पर किए गए श्राद्ध की तुलना में अनेक गुना बढ़ जाता है। पितृ कर्म की मूल बातें जानने के लिए: पिंड दान के बारे में जानने योग्य सब कुछ

    सिंगापुर के परिवारों के लिए पूर्ण योजना चेकलिस्ट यहाँ है: सिंगापुर से तीर्थ श्राद्ध — योजना चेकलिस्ट

    तर्पण — पितरों के लिए दैनिक जलांजलि

    तर्पण है पितरों को जल, तिल और जौ अर्पित करने का कर्म, जिसमें उनके नाम और गोत्र का उच्चारण किया जाता है। यह श्राद्ध से सरल है और एक प्रातः सत्र में पूरा हो जाता है। सिंगापुर के अनेक परिवार समय कम होने पर, अथवा अधिक बार पितृ कर्म करने की इच्छा होने पर, तर्पण को चुनते हैं। हमारी NRI-विशेष ऑनलाइन तर्पण सेवा भी उपलब्ध है: NRI के लिए ऑनलाइन तर्पण

    चार पवित्र नगर: आपके लिए कौन सा उपयुक्त है?

    सभी तीर्थ समान नहीं हैं, और सही चुनाव आपके परिवार की विशिष्ट परिस्थिति पर निर्भर करता है — दिवंगत व्यक्ति की मृत्यु की प्रकृति, आपकी गोत्र परम्परा, और भारत में आपके पास उपलब्ध समय।

    सिंगापुर के श्रद्धालु प्रयागराज में पिंड दान में सम्मिलित होते हुए

    प्रयागराज (इलाहाबाद) — तीर्थराज

    तीर्थराज — तीर्थों का राजा कहा जाने वाला प्रयागराज का त्रिवेणी संगम सबसे सुगम और सबसे व्यापक स्थल है। तीन नदियों का संगम एक ऐसा आध्यात्मिक क्षेत्र निर्मित करता है, जिसे पुराणों की परम्परा में पृथ्वी पर अद्वितीय बताया गया है। चारों सेवाएँ — पिंड दान, अस्थि विसर्जन, श्राद्ध और तर्पण — एक ही यात्रा में यहाँ सम्पन्न की जा सकती हैं। यह हमारा प्रमुख केन्द्र है और जहाँ हमारा सबसे गहन अनुभव है।

    चांगी से उड़ान संयोजन: सिंगापुर एयरलाइन्स और इण्डिगो सिंगापुर–लखनऊ या सिंगापुर–वाराणसी मार्ग संचालित करती हैं (दिल्ली अथवा मुम्बई के माध्यम से)। प्रयागराज स्वयं लखनऊ हवाई अड्डे से 1.5 घण्टे की दूरी पर है, अथवा वाराणसी से 3 घण्टे रेल से। चांगी से प्रयागराज तक यात्रा समय: लगभग 12–16 घण्टे (लेओवर सहित)।

    गया (बिहार) — पितृ कर्म का सर्वोच्च पुण्य

    हिन्दू परम्परा में गया पिंड दान का सर्वोच्च पुण्यदायी स्थल है। विष्णुपद मन्दिर साक्षात् भगवान विष्णु के चरण-चिन्ह पर स्थित है, और फल्गु नदी के किनारे 45 कर्म-स्थल (पितृ वेदियाँ) मिलकर सम्पूर्ण गया श्राद्ध परिक्रमा का निर्माण करते हैं। यदि कोई परिवारजन कठिन या असमय परिस्थितियों में दिवंगत हुआ हो, अथवा आत्मा को शान्ति न मिली हो, तो गया अनुशंसित गन्तव्य है। सिंगापुर के अनेक तमिल परिवार विशेष रूप से गया जाते हैं — दक्षिण भारतीय समुदायों में सदियों से प्रलेखित परम्परा का अनुसरण करते हुए।

    निकटतम हवाई अड्डा: गया अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा — सिंगापुर से बैंकॉक या कुआलालम्पुर के माध्यम से सीधी उड़ानें (मौसमी)। वैकल्पिक रूप से, कोलकाता या पटना उड़ान भरें और 5–7 घण्टे सड़क या रेल से यात्रा करें।

    वाराणसी (काशी) — मोक्ष नगरी

    काशी वह नगरी है जहाँ स्वयं भगवान शिव मरणासन्न के कानों में तारक मन्त्र फूँकते हैं और मोक्ष प्रदान करते हैं — ऐसी परम्परा है। प्रमुख अन्त्येष्टि घाटों — मणिकर्णिका और हरिश्चन्द्र — पर अस्थि विसर्जन तथा पिशाच मोचन कुण्ड पर पिंड दान विशेष रूप से उन आत्माओं के लिए शक्तिशाली माना गया है जो अपूर्ण इच्छाओं अथवा असामान्य परिस्थितियों में दिवंगत हुई हों। वाराणसी को प्रयागराज (सड़क मार्ग से 2.5 घण्टे) के साथ सहज ही एक यात्रा में जोड़ा जा सकता है।

    निकटतम हवाई अड्डा: लाल बहादुर शास्त्री अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, वाराणसी। चांगी से दिल्ली, मुम्बई अथवा कुआलालम्पुर के माध्यम से सीधी एवं संयोजन उड़ानें। उड़ान समय: 8–12 घण्टे।

    हरिद्वार — गंगा का द्वार

    हरिद्वार वह स्थल है जहाँ गंगा हिमालय से उतर कर मैदानों में प्रवेश करती हैं। यह नगरी उन चार धामों में मानी जाती है जहाँ कुम्भ मेला आयोजित होता है, और हर की पौड़ी घाट पर अस्थि विसर्जन अत्यन्त पुण्यदायी माना गया है। हरिद्वार को चार धाम यात्रा अथवा ऋषिकेश दर्शन के साथ जोड़ना सर्वोत्तम है। निकटतम हवाई अड्डा: जॉली ग्रांट हवाई अड्डा, देहरादून (45 मिनट दूर)। चांगी से दिल्ली के माध्यम से संयोजन।

    व्यक्तिगत बनाम ऑनलाइन सेवाएँ — आपके परिवार के लिए क्या उपयुक्त है

    सिंगापुर के परिवारों से सबसे सामान्य प्रश्नों में से एक है — क्या भारत यात्रा अनिवार्य है? उत्तर निर्भर करता है विशिष्ट कर्म, आपकी पारिवारिक परम्परा, तथा कार्य से अवकाश और स्कूल सत्र की तिथियों जैसी व्यावहारिक सीमाओं पर।

    कारकव्यक्तिगत यात्राऑनलाइन / दूरस्थ सेवा
    कौन यात्रा करेपरिवार घाट पर उपस्थित रहेयात्रा की आवश्यकता नहीं — पंडित आपकी ओर से कर्म करते हैं
    आध्यात्मिक मान्यतापूर्ण — परिवार प्रत्यक्ष सहभागीमान्य — असमर्थ व्यक्तियों के लिए प्रतिनिधि कर्म शास्त्र-सम्मत
    सर्वोत्तम कबअस्थि विसर्जन, प्रथम पिंड दान, पितृपक्ष श्राद्धवार्षिक तर्पण, पुनरावृत्त श्राद्ध, यात्रा सम्भव न हो
    लाइव वीडियोलागू नहीं (आप उपस्थित हैं)हाँ — पूरा कर्म WhatsApp या Zoom पर लाइव स्ट्रीम
    सामान्य लागत (INR)₹5,100–₹13,500 कर्म हेतु; यात्रा-आवास अतिरिक्त₹7,100–₹11,000 सर्व-समावेशी
    सामान्य लागत (SGD)SGD 81–214 केवल कर्म हेतुSGD 113–175 सर्व-समावेशी
    अस्थियाँआप साथ ले जाएँ और विसर्जित करेंहम कूरियर स्वीकार करते हैं (परिवार शिपिंग व्यवस्था करे)

    ऑनलाइन पिंड दान विकल्प: प्रयागराज, वाराणसी एवं गया में ऑनलाइन पिंड दान | ऑनलाइन अस्थि विसर्जन: प्रयागराज में ऑनलाइन अस्थि विसर्जन

    सिंगापुर से भारत यात्रा: उड़ानें, वीज़ा और योजना

    वीज़ा — सिंगापुर पासपोर्ट धारकों के लिए शुभ समाचार

    सिंगापुर के नागरिकों को भारत में e-Tourist वीज़ा योजना के अन्तर्गत वीज़ा-मुक्त अथवा आगमन-पर-वीज़ा सुविधा प्राप्त है। 2026 तक, सिंगापुर पासपोर्ट धारक यात्रा से कम से कम 4 कार्य दिवस पूर्व ऑनलाइन e-Tourist वीज़ा हेतु आवेदन कर सकते हैं। वीज़ा 30 दिवस (एकल प्रवेश) अथवा 1 वर्ष (बहु-प्रवेश) के लिए वैध रहता है। आवेदन करें: indianvisaonline.gov.in। शुल्क: लगभग USD 25 (करीब SGD 34)।

    भारतीय सीमा-शुल्क नियमों के अन्तर्गत चेक-इन सामान में अस्थियाँ ले जाने पर कोई प्रतिबन्ध नहीं है, परन्तु एयरलाइन को पूर्व सूचना देनी होती है। अधिकांश एयरलाइनें मुहरबन्द, लेबल लगे कलश में अस्थियाँ माँगती हैं। प्रस्थान से पूर्व अपनी एयरलाइन से पुष्टि कर लें।

    चांगी हवाई अड्डे (SIN) से उड़ानें

    चांगी एशिया के सर्वाधिक सुसंयोजित हवाई अड्डों में से एक है। प्रत्येक तीर्थ नगर तक के सर्वाधिक व्यावहारिक मार्ग नीचे दिए गए हैं:

    • प्रयागराज तक: SIN → DEL (सीधी, 5.5 घण्टे) → इण्डिगो/एयर इण्डिया से प्रयागराज (PYB) तक संयोजन (1 घण्टे की उड़ान अथवा नई दिल्ली से 7 घण्टे रेल)। वैकल्पिक रूप से, वाराणसी उड़ान भरें और 2.5 घण्टे ड्राइव करें। कुल द्वार-से-द्वार: 14–18 घण्टे।
    • गया तक: SIN → DEL अथवा SIN → KUL → GAY (गया अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, मौसमी)। कुआलालम्पुर से कतिपय तिथियों में सीधी सेवा उपलब्ध है। अन्यथा: SIN → DEL → GAY इण्डिगो/एयर इण्डिया से (अतिरिक्त 2 घण्टे की उड़ान)। कुल: 12–16 घण्टे।
    • वाराणसी तक: SIN → DEL अथवा SIN → मुम्बई → VNS (वाराणसी)। सिंगापुर एयरलाइन्स और इण्डिगो दोनों यह मार्ग संचालित करती हैं। कुल: 10–14 घण्टे।
    • हरिद्वार तक: SIN → DEL, उसके बाद हरिद्वार 220 किमी सड़क अथवा रेल से (4–5 घण्टे)। नई दिल्ली हवाई अड्डे से सीधे हरिद्वार के लिए टैक्सी पर विचार करें।

    पितृपक्ष ऋतु (सितम्बर–अक्टूबर) के लिए उड़ानें कम से कम 6–8 सप्ताह पूर्व बुक करें। सिंगापुर से दिल्ली तक हवाई किराये सामान्यतः SGD 450–900 तक होते हैं — एयरलाइन और बुकिंग तिथि के अनुसार वापसी इकोनॉमी। इण्डिगो और एयर एशिया कुआलालम्पुर अथवा बैंकॉक के माध्यम से किफायती विकल्प देती हैं।

    यात्रा की कितनी अवधि नियोजित करें

    सिंगापुर से एक केन्द्रित कर्म-यात्रा सामान्यतः 4–6 दिनों की होती है:

    • दिवस 1: सिंगापुर–भारत उड़ान (रात्रि-कालीन उड़ान अनुशंसित)
    • दिवस 2: आगमन, विश्राम, अपने पंडित से प्री-रिचुअल परामर्श (गोत्र, परिवारजन के नाम, आवश्यक विशिष्ट कर्म)
    • दिवस 3: मुख्य कर्म सम्पन्न करें (कार्यक्षेत्र के अनुसार अर्ध-दिवस से पूर्ण-दिवस)
    • दिवस 4: वैकल्पिक — मुख्य मन्दिरों के दर्शन, सायंकालीन गंगा आरती
    • दिवस 5: सिंगापुर वापसी उड़ान

    यदि आप प्रयागराज + वाराणसी जोड़ना चाहें, तो 2 अतिरिक्त दिन जोड़ें। प्रयागराज + गया + वाराणसी (पूर्ण त्रिवेणी परिक्रमा) के लिए 7–10 दिन चाहिए।

    सिंगापुर से आने का सर्वोत्तम समय
    पितृपक्ष (27 सितम्बर–11 अक्टूबर 2026) सर्वाधिक पुण्यदायी अवधि है, परन्तु सबसे व्यस्त भी। कर्म स्लॉट और आवास कम से कम 8 सप्ताह पूर्व बुक करें। पितृपक्ष के बाहर, प्रयागराज और वाराणसी पूरे वर्ष उपयुक्त रहते हैं। भारतीय ग्रीष्म चरम (अप्रैल–जून) से बचें — घाटों पर तापमान 45°C पार करता है। अक्टूबर–मार्च आदर्श है।

    SGD में सम्पूर्ण मूल्य मार्गदर्शिका (1 SGD ≈ 63 INR)

    नीचे दिए गए सभी मूल्य वर्तमान अनुमानित दर 1 SGD = 63 INR पर परिवर्तित हैं। रुपए में मूल्य कोष्ठक में दर्शाए गए हैं। मूल्य 1 व्यक्ति / 1 परिवार इकाई के लिए हैं, जब तक अन्यथा न कहा जाए।

    सेवानगरविधाINR (विक्रय)SGD (लगभग)बुक करें
    पिंड दानप्रयागराजव्यक्तिगत₹7,100SGD 113बुक करें
    पिंड दानवाराणसीव्यक्तिगत₹7,100SGD 113बुक करें
    पिंड दानगयाव्यक्तिगत₹7,100SGD 113बुक करें
    पिंड दान (2 व्यक्ति)प्रयागराजव्यक्तिगत₹12,500SGD 198बुक करें
    पिंड दान (2 व्यक्ति)गयाव्यक्तिगत₹13,000SGD 206बुक करें
    ऑनलाइन पिंड दानप्रयागराजदूरस्थ₹7,100SGD 113बुक करें
    ऑनलाइन पिंड दानवाराणसीदूरस्थ₹7,100SGD 113बुक करें
    ऑनलाइन पिंड दानगयादूरस्थ₹11,000SGD 175बुक करें
    3-इन-1 ऑनलाइन पिंड दानप्रयागराज + वाराणसी + गयादूरस्थ₹21,000SGD 333बुक करें
    अस्थि विसर्जनप्रयागराजव्यक्तिगत₹5,100SGD 81बुक करें
    अस्थि विसर्जनवाराणसीव्यक्तिगत₹5,100SGD 81बुक करें
    अस्थि विसर्जन + ठहराव (2D/1N)प्रयागराजव्यक्तिगत₹13,500SGD 214बुक करें
    ऑनलाइन अस्थि विसर्जनप्रयागराजदूरस्थ₹9,999SGD 159बुक करें
    श्राद्ध पूजनप्रयागराजव्यक्तिगत₹7,100SGD 113बुक करें
    श्राद्ध पूजनवाराणसीव्यक्तिगत₹10,999SGD 175बुक करें
    श्राद्ध पूजनगयाव्यक्तिगत₹7,100SGD 113बुक करें
    तर्पणप्रयागराजव्यक्तिगत₹5,100SGD 81बुक करें
    तर्पणवाराणसीव्यक्तिगत₹5,100SGD 81बुक करें
    तर्पणगयाव्यक्तिगत₹11,000SGD 175बुक करें
    नारायण बलि (विशेष कर्म)प्रयागराजव्यक्तिगत₹31,000SGD 492बुक करें

    नोट: INR मूल्य बुकिंग पृष्ठों पर सूचीबद्ध हैं। SGD परिवर्तन अनुमानित है और विनिमय दर के अनुसार बदल सकता है। सभी कर्म-शुल्क उड़ान, आवास और भारत में स्थानीय परिवहन से अलग हैं।

    घाट पर सामान्य दिन: क्या अपेक्षा करें

    सिंगापुर के अनेक परिवारों ने भारतीय नदी तट पर कभी कर्म नहीं देखा होता। पहले से जान लेने पर अनिश्चितता दूर होती है और आप आध्यात्मिक अनुभव पर ध्यान केन्द्रित कर पाते हैं।

    कर्म से पूर्व (पूर्व सायंकाल अथवा प्रातः)

    आपके नियुक्त पंडित आपको कॉल अथवा WhatsApp करेंगे — गोत्र (कुल वंश), दिवंगत का पूरा नाम, मृत्यु तिथि (तिथि ज्ञात हो तो), तथा आप कौन सा कर्म कर रहे हैं — इनकी पुष्टि हेतु। यह जानकारी तैयार रखें। यदि गोत्र ज्ञात न हो, तो “कश्यप” का उपयोग करें — हिन्दू परम्परा में सार्वत्रिक विकल्प गोत्र है। पंडित आपका मार्गदर्शन करेंगे।

    घाट पर

    कर्म सामान्यतः घाट पर प्रातः 6:00 से 10:00 के बीच आरम्भ होते हैं। आपको नदी की ओर मुख कर सीढ़ियों पर बैठाया जाएगा। पंडित सभी कर्म-सामग्री व्यवस्थित करते हैं — पुष्प, तिल, जौ, चावल, कुश घास, मिट्टी के दीप (दीये) तथा पिंड सामग्री। आप पंडित के पीछे संस्कृत मन्त्रों का उच्चारण करते हैं (ध्वन्यात्मक उच्चारण ठीक है — भाव सर्वोपरि है)। तत्पश्चात् पिंड अथवा अर्पण नदी में प्रवाहित किए जाते हैं और पंडित अन्तिम आहुति सम्पन्न करते हैं।

    अस्थि विसर्जन में परिवार अस्थियाँ मिट्टी के पात्र अथवा वस्त्र-पोटली में जल-तट तक ले जाता है और नदी में प्रवाहित करता है, जबकि पंडित पितृ सूक्त का पाठ करते हैं। यदि आप यात्रा नहीं कर सकते, तो हम आपकी ओर से विसर्जन सम्पन्न करते हैं और सम्पूर्ण कर्म का WhatsApp वीडियो आपको भेजते हैं।

    कर्म के पश्चात्

    पंडित लिखित पूजा रसीद देते हैं तथा ऑनलाइन ग्राहकों के लिए डिजिटल वीडियो रिकॉर्डिंग। अनेक परिवार घाट कर्म के पश्चात् निकटवर्ती मन्दिर के दर्शन भी करते हैं — प्रयागराज में मनकामेश्वर महादेव और अलोपी देवी मन्दिर संगम से सहज पहुँच में हैं। गया में, विष्णुपद मन्दिर स्वाभाविक अगला पड़ाव है। हर की पौड़ी (हरिद्वार) अथवा दशाश्वमेध घाट (वाराणसी) पर सायंकालीन गंगा आरती दिवस का गहन समापन बनाती है। ब्राह्मण भोज का सम्पूर्ण विवरण: मृत्यु के पश्चात् ब्राह्मण भोज

    प्रयाग पंडित्स को क्यों चुनें

    ऑनलाइन विज्ञापन देने वाले पंडित-सेवाओं की कमी नहीं है। सिंगापुर के परिवारों के लिए विशेष रूप से हमारी सेवा की विशिष्टताएँ इस प्रकार हैं:

    • 2019 से 2,263+ परिवारों की सेवा — सिंगापुर, मलेशिया, यूके, यूएसए और ऑस्ट्रेलिया के सैकड़ों NRI और प्रवासी परिवार सम्मिलित हैं
    • तमिल बोलने वाले समन्वयक — सिंगापुर के अधिकांश हिन्दू समुदाय तमिल हैं। हमारे पास तमिल में निपुण समन्वयक हैं जो भाषा-बाधा के बिना कर्म-विधि समझा सकते हैं
    • पंजीकृत संस्था — M/S Prayag Samagam, GST पंजीकृत (09AZAPK2937R1ZR)। आपको अपने रिकॉर्ड के लिए विधिवत् रसीद मिलती है
    • हर ऑनलाइन कर्म पर लाइव वीडियो — हम WhatsApp पर स्ट्रीम करते हैं ताकि आप सिंगापुर से वास्तविक समय में सम्मिलित हो सकें, अपने परिवारजन का नाम पुकारा जाते देख सकें और अर्पण के साक्षी बनें
    • कोई छिपा शुल्क नहीं — बुकिंग पृष्ठ पर जो मूल्य है, वही आप देते हैं। न “मन्दिर दान” अतिरिक्त, न नौका शुल्क, न कोई गोपनीय शुल्क
    • सभी प्रमुख तीर्थ नगर सम्मिलित — प्रयागराज, वाराणसी, गया, हरिद्वार, गढ़ मुक्तेश्वर, अयोध्या और बद्रीनाथ
    • पितृपक्ष स्लॉट प्राथमिकता — सिंगापुर के परिवार जो 8+ सप्ताह पूर्व बुक करते हैं, उन्हें चरम पितृपक्ष पखवाड़े में स्लॉट आवण्टन में प्राथमिकता मिलती है
    सिंगापुर के परिवार

    whatsapp अपना कर्म बुक करें — अभी WhatsApp करें

    से प्रारम्भ (SGD 81) ₹5,100 per person

    अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

    क्या ऊपर उत्तर नहीं मिला? यहाँ हमसे सम्पर्क करें अथवा सीधे WhatsApp पर सन्देश भेजें: +917754097777। हमारी टीम भारत के कार्य घण्टों (प्रातः 9 बजे–रात्रि 8 बजे IST) में 2 घण्टे के भीतर उत्तर देती है।

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    अपना पवित्र संस्कार बुक करें

    भारत के पवित्र स्थलों पर वेद-प्रशिक्षित पंडितों द्वारा वीडियो प्रमाण सहित प्रामाणिक संस्कार कराए जाते हैं।

    2,263+ परिवारों की सेवा वीडियो प्रमाण शामिल 2019 से
    लेखक के बारे में
    Prakhar Porwal
    Prakhar Porwal वैदिक अनुष्ठान सलाहकार, प्रयाग पंडित

    Prakhar Porwal is the founder of Prayag Pandits, a trusted platform for Vedic rituals and ancestral ceremonies. With deep roots in Prayagraj's spiritual traditions, Prakhar has helped over 50,000 families perform sacred rituals including Pind Daan, Shradh, and Asthi Visarjan across India's holiest cities.

    2,263+ परिवारों की सेवा · 2019 से कार्यरत
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