पितरों के लिए पिंड दान न करने से क्या होता है?
गरुड़ पुराण के अनुसार, यदि पिंड दान नहीं किया जाता, तो दिवंगत आत्माएँ प्रेत-योनि में रह सकती हैं — जिससे परिवार में अनेक कठिनाइयाँ उत्पन्न होती हैं। यह स्थिति पितृ दोष के रूप में प्रकट हो सकती है, जो स्वास्थ्य, धन और संबंधों में बाधाएँ उत्पन्न करती है। पिंड दान करने से पितरों की असंतुष्टि दूर होती है और आने वाली पीढ़ियों के लिए शान्ति एवं समृद्धि सुनिश्चित होती है।
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पिंड दान कराना है?
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