गया में पिंड दान के लिए सबसे शुभ समय कब है?
वैसे तो परिवार की आवश्यकता के अनुसार (विशेषकर मृत्यु के पश्चात्) पिंड दान किसी भी समय किया जा सकता है, किंतु आध्यात्मिक दृष्टि से सर्वाधिक फलदायी समय ये हैं:
पितृ पक्ष (सर्वपितृ अमावस्या से पूर्व 15 चंद्र दिन, सामान्यतः सितंबर–अक्टूबर)
- अमावस्या के दिन
- ग्रहण (सूर्य या चंद्र ग्रहण)
- गया माहात्म्य के दिन (जैसा चंद्र पंचांग में निर्धारित है) — इन समयों में पिंड दान करने से करने वाले को अधिकतम आध्यात्मिक पुण्य और पितरों की आत्माओं को शान्ति मिलती है।
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