स्वर्ग में कर्ण को भोजन के बजाय सोना क्यों मिला?
महाभारत के अनुसार, कर्ण ने जीवनकाल में अपने पूर्वजों के लिए कभी पितृ तर्पण या पिंड दान नहीं किया था। स्वर्ग में पारस्परिक कर्तव्य के ब्रह्मांडीय नियम (पितृ ऋण) के कारण उन्हें वही मिल सकता था जो उन्होंने दिया था — क्योंकि उन्होंने अपने पूर्वजों को कुछ नहीं दिया, वे भी उन्हें पोषण के रूप में कुछ नहीं दे सके। भगवान इंद्र ने उन्हें पिंड दान करने के लिए पृथ्वी पर पंद्रह दिन दिए, और वे पंद्रह दिन पितृपक्ष का आधार बने।
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पिंड दान कराना है?
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