प्रयागराज में पिंड दान की धार्मिक विधियाँ क्या हैं?
यह अनुष्ठान त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान से प्रारम्भ होता है, जिसके बाद ये क्रियाएँ की जाती हैं:
- संकल्प – पूर्वजों के गोत्र और नाम के साथ संकल्प लिया जाता है।
- पिंड अर्पण – तिल मिश्रित चावल के पिंड, जिनमें शहद और घी भी मिला हो, अर्पित किए जाते हैं।
- तर्पण – पूर्वजों के लिए काले तिल मिले जल से तर्पण किया जाता है।
- ब्राह्मण भोज – ब्राह्मणों को भोजन कराया जाता है और वस्त्र, अन्न एवं आवश्यक सामग्री का दान किया जाता है।
- अंतिम विसर्जन – पिंडों को पवित्र संगम में विसर्जित किया जाता है अथवा गाय, कौवे या पीपल के वृक्ष को अर्पित किया जाता है।
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पिंड दान कराना है?
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