वाराणसी में पिंड दान कौन कर सकता है — केवल पुत्र या कोई भी परिवारजन?
परंपरागत रूप से ज्येष्ठ पुत्र मुख्य कर्ता होता है। लेकिन वैदिक ग्रंथ पुत्र न होने पर पुत्रियों, पौत्रों, भतीजों और अन्य निकट रिश्तेदारों को भी अनुमति देते हैं। जब पूरा परिवार विदेश में हो या उपलब्ध न हो, तो योग्य पंडित के मार्गदर्शन में कोई प्रतिनिधि विधि कर सकता है। अधिकांश जीवित परंपराओं में कठोर लिंग-नियमों से अधिक महत्व भावना की सच्चाई और विधि के सही पालन का होता है।
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पिंड दान कराना है?
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