गया में पिंड दान कौन करे और किसके लिए?
परंपरागत रूप से, सबसे बड़ा पुत्र या कोई पुरुष रक्त-संबंधी (जैसे पौत्र, भाई, या भतीजा) पिंडदान करता है। परंतु यदि कोई पुरुष उत्तराधिकारी नहीं है, तो कुछ रीति-परंपराओं और उचित मार्गदर्शन में पुत्रियाँ भी यह अनुष्ठान कर सकती हैं। यह मुख्यतः इनके लिए किया जाता है:
दिवंगत माता-पिता और पितामह-पितामही
- अविवाहित दिवंगत परिजन
- हाल ही में स्वर्गीय हुई आत्माएँ (1 वर्ष के भीतर)
- विस्मृत या अज्ञात पूर्वज (अकाल मृत्यु के मामले) — ऐसा करने से पितृ ऋण (पूर्वजों का ऋण) से मुक्ति मिलती है, जो एक अनिवार्य धार्मिक कर्तव्य है।
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पिंड दान कराना है?
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